छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तीन दिवसीय आंदोलन का दूसरा दिन संपन्न, 31 दिसंबर को होगी निर्णायक जंगी रैली

सारंगढ़–बिलाईगढ़।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर 29 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चल रहे तीन दिवसीय आंदोलन का दूसरा दिन मंगलवार को प्रदेशभर में पूर्ण जोश, अनुशासन और एकजुटता के साथ संपन्न हुआ। आंदोलन के द्वितीय दिवस पर कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने एक स्वर में स्पष्ट कर दिया कि अब सरकार की अनसुनी और टालमटोल की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी।

दूसरे दिन के आंदोलन में जिले के प्रमुख पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे। आंदोलन का नेतृत्व जिला संयोजक फकीरा यादव ने किया। इस दौरान जिला प्रभारी पर्यवेक्षक लैलून कुमार भारद्वाज, जिला कोषाध्यक्ष लोकेन्द्रनाथ पटेल, जिला उप संयोजक योगेश चंद्रा, जिला संरक्षक शैलेश यादव, जिला सचिव रविशंकर तिवारी, जिला महासचिव दीपक तिवारी, जिला प्रवक्ता पुरुषोत्तम स्वर्णकार सहित बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए। मंच से वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक विभाग या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के समस्त कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मी, दैनिक व संविदा कर्मचारी तथा पेंशनर वर्ग की साझा लड़ाई है।
फेडरेशन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 31 दिसंबर 2025 को आंदोलन के अंतिम दिन ऐतिहासिक “जंगी रैली एवं धरना प्रदर्शन” के माध्यम से कर्मचारी-अधिकारी अपनी एकजुट शक्ति का व्यापक प्रदर्शन करेंगे।
फेडरेशन ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता लागू किया जाए, DA एरियर की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए तथा वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही चार स्तरीय समयमान वेतनमान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, नियमित वेतन एवं पदोन्नति, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण, संविदा एवं दैनिक कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
फेडरेशन ने दो टूक शब्दों में कहा, “अब इनकार नहीं, संवाद और निर्णय चाहिए।” जिला फेडरेशन ने समस्त कर्मचारी-अधिकारियों से अपील की है कि 31 दिसंबर को होने वाली जंगी रैली एवं धरना प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आंदोलन को निर्णायक रूप दें।



