
बरमकेला क्षेत्र में पारंपरिक गन्ना रस से बनने वाले प्रसिद्ध ओखरा की तैयारी इन दिनों जोरों पर है। ग्राम बरमपूरा में आज एक किसान द्वारा गन्ना रस निकाला जा रहा था, जहां ट्रैक्टर की सहायता से पारंपरिक विधि में गोल-गोल घुमाकर गन्ना पेराई की जा रही थी। इस प्रक्रिया से शुद्ध और ताजा गन्ना रस प्राप्त किया जाता है, जिससे ओखरा तैयार किया जाता है।

गन्ना रस से बना ओखरा विशेष रूप से शिवरीनारायण में अपनी स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, जहां इसकी अच्छी मांग रहती है। बरमकेला क्षेत्र के रिसोरा, बड़े नावापारा और बरमपूरा गांवों में भी इस समय गन्ना रस निकालने का कार्य तेजी से चल रहा है।
किसानों के लिए यह कार्य अतिरिक्त आय का साधन भी बन रहा है। स्थानीय कारीगर पारंपरिक तकनीक से ओखरा तैयार कर बाजारों तक पहुंचाते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। मौसम अनुकूल होने के कारण इस वर्ष ओखरा उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।



