*केन्द्रीय बजट और भारत–अमेरिका व्यापार डील से भारतीय व्यापार को ऐतिहासिक मजबूती*

*अमेरिका द्वारा आयात शुल्क घटाना आत्मनिर्भर भारत की वैश्विक जीत – रतन शर्मा*
बरमकेला.केन्द्रीय बजट एवं भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला अध्यक्ष रतन शर्मा ने इसे भारतीय व्यापारिक इतिहास का निर्णायक और युगांतकारी मोड़ बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार डील केंद्र सरकार की स्पष्ट, सशक्त और व्यापार समर्थक नीति को दर्शाती है।
श्री शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय बजट में एमएसएमई, घरेलू उद्योग, स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देकर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकार अब केवल नीतियाँ नहीं बना रही, बल्कि व्यापार को मजबूती देने का ठोस रोडमैप लागू कर रही है। टैक्स सुधार, डिजिटल व्यापार को बढ़ावा और घरेलू उत्पादन को संरक्षण देने वाले प्रावधान भारतीय व्यापारियों के लिए संजीवनी साबित होंगे।
भारत–अमेरिका व्यापार डील पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए श्री शर्मा ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती भारत की कूटनीतिक और आर्थिक ताकत का प्रमाण है। इस निर्णय से भारतीय कृषि उत्पाद, टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स और हस्तशिल्प उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका द्वारा आयात शुल्क घटाने से भारतीय निर्यातकों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, उत्पादन बढ़ेगा, नए बाजार खुलेंगे और स्थानीय व्यापार वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनेगा। यह समझौता ‘आत्मनिर्भर भारत’ को अब केवल नारा नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक रणनीति में बदलता है।
श्री शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट और व्यापार समझौते के माध्यम से यह संदेश दे दिया है कि भारत अब केवल आयातक देश नहीं, बल्कि निर्यात आधारित आर्थिक शक्ति बनकर उभर रहा है। यह नीति न सिर्फ बड़े उद्योगों, बल्कि छोटे व्यापारियों और कारीगरों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करेगी।
अंत में श्री शर्मा ने कहा कि कैट केंद्र सरकार के इन दृढ़ और साहसिक निर्णयों का पूर्ण समर्थन करता है और अपेक्षा करता है कि इन नीतियों का क्रियान्वयन तेजी और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि देश का व्यापारी वर्ग और अधिक सशक्त होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका निभा सके।



