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*ऐतिहासिक शिव मंदिरों में शेड निर्माण की दरकार*

*पूजेरीपाली, पोरथ और कलमी में धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए है जरुरत*

बरमकेला.
रायगढ़ विधान सभा क्षेत्र के बरमकेला एवं पुसौर क्षेत्र में स्थित तीन ऐतिहासिक एवं स्वयंभू शिव मंदिरों में धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शेड निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन मंदिर परिसरों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण श्रद्धालुओं को विभिन्न ऋतुओं में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


पूजेरीपाली स्थित केवटी देउल शिव मंदिर लगभग छठी शताब्दी का प्राचीन एवं पुरातात्विक महत्व का स्थल माना जाता है, जहाँ स्वयंभू भगवान शिव विराजमान हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी क्षेत्र की अमूल्य धरोहर है।


इसी प्रकार पोरथ स्थित शिव मंदिर, जो त्रिवेणी संगम पर स्थित है, अपनी धार्मिक मान्यताओं एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ प्रतिवर्ष ऐतिहासिक मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह स्थल भी पुरातात्विक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
वहीं पुसौर ब्लॉक के ग्राम कलमी स्थित गुप्तेश्वर शिव मंदिर क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ भी वर्ष भर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, पर्व एवं आयोजन होते रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।


इन तीनों मंदिरों में जहाँ तीनो ही स्थानों पर स्वयंभू भगवान शिव विराजित हैं. वहा आयोजित होने वाले धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान वर्तमान में स्थायी शेड की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को तेज धूप, वर्षा एवं शीत ऋतु में काफी असुविधा झेलनी पड़ती है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं बच्चों को अधिक परेशानी होती है।
क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं का मानना है कि यदि प्रत्येक मंदिर परिसर में लगभग 30-30 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण किया जाए, तो न केवल धार्मिक आयोजनों का संचालन व्यवस्थित रूप से हो सकेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण प्राप्त होगा। साथ ही यह कदम क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगा।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी जो विकासदूत के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं उनसे उम्मीद हैं की वे इस दिशा में जरुरत ध्यान देंगें.
                       *मोहन नायक (पत्रकार )*

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