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*गौरडीह एनएसएस का शिविर की हो रही सराहना*

*मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए रतन शर्मा, शिविरार्थियों को बाँटे ड्रेस*

बरमकेला। कोठीखोल क्षेत्र के वनांचल ग्राम गौरडीह में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, डोंगरीपाली द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत 22 दिसम्बर से 28 दिसम्बर तक सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गोदग्राम गौरडीह में “नशा मुक्त समाज के लिए युवा” थीम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य युवाओं के माध्यम से समाज में नशामुक्ति, स्वच्छता, सामाजिक सेवा एवं राष्ट्रीय चेतना का प्रसार करना है।
शिविर के पांचवें दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैट के जिला अध्यक्ष एवं समाजसेवी रतन लाल शर्मा रहे। गोदग्राम गौरडीह पहुंचने पर शिविरार्थियों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला रेडक्रास सोसायटी की प्रबंध समिति के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार मोहन नायक तथा ग्राम सरपंच श्रीमती बरिहा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि रतन लाल शर्मा ने शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना को युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि एनएसएस केवल एक योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां से जिम्मेदार, संवेदनशील और सेवा भाव से ओतप्रोत नागरिक तैयार होते हैं। उन्होंने कहा कि नशा आज समाज की सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयों में से एक है, जो युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। ऐसे में एनएसएस के स्वयंसेवक समाज के लिए मशाल बन सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व गांव को भी नशा मुक्त बनाने के लिए जागरूक करें। साथ ही उन्होंने सेवा, अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति को जीवन का मूल मंत्र बनाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में सहभागी 50 से अधिक छात्र-छात्राओं को ड्रेस वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में भेड़वन स्कूल से आए सारस्वत युगल द्वारा अपने मधुर गीतों के माध्यम से नशा मुक्त समाज का संदेश प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थितजनों में जागरूकता का संचार हुआ। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि मोहन नायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी शक्ति युवा वर्ग के पास होती है। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को, बल्कि पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है। यदि युवा वर्ग ठान ले तो नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने शिविरार्थियों द्वारा किए जा रहे श्रमदान, जागरूकता रैली एवं ग्राम सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय बताया और निरंतर सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने का संदेश दिया।

इस अवसर पर बी.डी. मिश्रा ने शिविरर्थियों को प्रेरित करते हुए केम्प की महत्ता को बताया.सरोज साहू, शोभदास मानिकपुरी, स्वर्ण कुमार भोई सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह संपूर्ण शिविर कार्यक्रम अधिकारी हेमलता मालाकार के कुशल नेतृत्व में लगभग 60 छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से संचालित हो रहा है। शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रातः जागरण, योग, श्रमदान, जागरूकता रैली, बौद्धिक परिचर्चा, खेलकूद, ग्राम भ्रमण एवं प्रेरक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर के सफल संचालन में डोलामणी मालाकार एवं विद्यालय के प्राचार्य उग्रसेन चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यह शिविर ग्रामीण अंचल में नशा मुक्ति, सामाजिक जागरूकता और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हो रहा है।

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