मृत आदिवासी महिला के नाम पर फर्जी राशन कार्ड से उपसरपंच दंपति पर गंभीर आरोप

सारंगढ़-बिलाईगढ़। ग्राम पंचायत मारोदरहा के आश्रित ग्राम खोखेपुर में भ्रष्टाचार और धांधली का चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि मौजूदा उपसरपंच दिनेश डनसेना और उनकी पत्नी अंजू डनसेना ने एक मृत आदिवासी महिला के नाम पर फर्जी तरीके से राशन कार्ड चलाकर महीनों तक सरकारी राशन की हेराफेरी की।


शिकायतकर्ता विदेशी सिदार ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर बताया कि मृत महिला दहरमती, पति स्व. राजकुमार सिदार, जाति सावरा, निवासी ग्राम खोखेपुर का निधन 22 जून 2022 को हो चुका था। इससे पहले उनके पति की मौत 19 मई 2020 को हो गई थी। इसके बावजूद राशन कार्ड नंबर 223862021310 का इस्तेमाल जारी रहा और उसमें अंजू डनसेना एवं दिनेश डनसेना का नाम जोड़कर सरकारी राशन उठाया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि मृत महिला का राशन कार्ड आदिवासी वर्ग का था, जबकि उपसरपंच दंपति पिछड़ा वर्ग से हैं। ऐसे में न केवल जातिगत लाभ का दुरुपयोग किया गया बल्कि शासन को गुमराह कर जालसाजी भी की गई। विदेशी सिदार ने अपने आवेदन में मृतका के मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी नाम वाला राशन कार्ड और राशन आबंटन की प्रतियां भी सबूत के तौर पर संलग्न की हैं।
इस मामले की प्रतियां कलेक्टर, अनुविभागीय दंडाधिकारी, खाद्य अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को भी भेजी गई हैं, जिसमें दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि सरकारी योजना में संगठित तरीके से हो रही लूट का उदाहरण है।
गांव में इस खुलासे के बाद आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल इस प्रकरण में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा यह संदेश जाएगा कि पद और सत्ता की ताकत भ्रष्टाचारियों को कानून से ऊपर खड़ा कर सकती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे। वहीं, जिला प्रशासन ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना प्रशासनिक तंत्र के लिए एक चुनौती बन गई है, क्योंकि यह न केवल फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार का मामला है, बल्कि गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा अपराध भी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर उदाहरण पेश करेंगे, जिससे भविष्य में ऐसे कारनामों पर अंकुश लगाया जा सके।



