
रायपुर/राजनीति में अपनी खास पहचान बना चुके अरुण मालाकार, जिन्हें “108” के नाम से जाना जाता है, इस बार खुद चुनावी रणभूमि में उतर चुके हैं। उन्होंने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 से अपनी उम्मीदवारी पेश की है। अरुण मालाकार ने अपनी रणनीतिक कौशल और जनसेवा के दम पर रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच विधायकों को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। यही नहीं, हाल ही में गठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी उनके नेतृत्व में दो विधायकों ने जीत हासिल की है।
जनसेवा से बनी अलग पहचान
अरुण मालाकार का नाम राजनीति में सिर्फ रणनीतिकार के रूप में नहीं, बल्कि एक जनसेवक के रूप में भी जाना जाता है। “108” नाम का अर्थ सिर्फ एक संख्यात्मक पहचान नहीं, बल्कि उनकी छवि को दर्शाता है। जिस प्रकार इमरजेंसी में 108 नंबर डायल किया जाता है, उसी प्रकार जब भी किसी को मदद की जरूरत होती है, अरुण मालाकार लोगों के बीच खड़े नजर आते हैं। उनकी यही छवि जनता के बीच लोकप्रियता का कारण बनी हुई है।
जनता का समर्थन और मजबूत पकड़
राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने विधानसभा चुनावों में लगातार सफलताएं दिलाई हैं। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कई प्रत्याशी विजयी रहे हैं। अब जब उन्होंने खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो जनता के बीच उत्साह चरम पर है। लोग उन्हें जीत दिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं।
क्या इस बार भी 108 का जादू चलेगा?
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 में अरुण मालाकार की उम्मीदवारी से चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। उनके समर्थन में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। अब देखना यह होगा कि क्या उनकी यह लोकप्रियता वोटों में तब्दील होगी और क्या जनता उन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाएगी। उनकी जीत की संभावनाएं काफी मजबूत दिख रही हैं, लेकिन अंतिम फैसला जनता के हाथ में है।



