
*अब ऑनलाइन से भी कम कीमत पर स्थानीय बाजार में मिल रहे सामान*
बरमकेला।ब्यवसायिक जगत की सबसे प्रतिष्ठित संस्था चेम्बर ऑफ़ कामर्स के बरमकेला इकाई के अध्यक्ष श्री रतन शर्मा ने सभी ग्राहकों एवं लोगों से अपील किया है कि ऑनलाइन खरीदी के बजाय सीधे स्थानीय दुकानदारों से खरीदी करने को बढ़ावा देवें।
उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानदारों से खरीदने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय दुकानदारों को समर्थन देने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। प्रदेश सरकार की कर राजस्व में वृद्धि होती है और प्रदेश की जनता को इसका लाभ मिलता है। दुकानदारों से खरीदने से सामाजिक संबंध बनते हैं। समुदाय की भावना बढ़ती है।स्थानीय संस्कृति का संरक्षण होता है।भाई चारे और आपसी प्रेम बढ़ते हैं सम्बन्ध प्रगाढ होते हैं और बिस्वास बढ़ता है जिससे गुणवत्ता की गारंटी मिलती है और तुरंत सेवा भी मिलती है।
स्थानीय दुकानदारों से खरीदने से व्यक्तिगत अनुभव मिलता है।
विभिन्न्न तरह की उत्पाद को देखने समझने और जानकारी लेने का मौका मिलता है।वापसी और बदलाव में भी आसानी होती है और यह सब तुरन्त हो जाता है।
चेम्बर ऑफ़ कामर्स के अध्यक्ष रतन शर्मा ने आगे कहा कि अब बरमकेला जैसे छोटे से नगर में कम से कम कीमत की और महंगी ब्रांडेड सामान भी बड़ी आसानी से गारंटी के साथ और कई आकर्षक उपहारों के अतिरिक्त लाभों के साथ ऑनलाइन से भी कम कीमत पर उपलब्ध हो रहा है।ऐसे में ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदी करने के पहले स्थानीय दुकानदारो के पास जाकर जरूर पता करनी चाहिए।चूंकि स्थानीय दुकानदार स्थानीय ग्राहकों पर ही निर्भर है ऐसे में कभी भी ग्राहक के साथ धोखा करके अपने पैर में कुल्हाड़ी नहीं मारेगा हमेशा अपने ग्राहक का हित चाहेगा ताकि उसका भी ब्यापार हमेशा तरक्की करता रहे।श्री शर्मा ने कहा कि
इन लाभों को ध्यान में रखते हुए, ऑनलाइन खरीदी न कर सीधे स्थानीय दुकानदारों से खरीदी करना चाहिये,यदि किसी दुकानदार की सेवाओं में कोई कमी हो तो बेहिचक दुकानदार को अवगत कराएं।किन्तु अच्छा,सस्ता और बेहतर सेवा पाने के लिए अपने बीच के दुकानदारों को प्रोत्साहित करें जो सिर्फ और सिर्फ आपके भरोसे आपके सेवा में आपके बीच आकर सेवा दे रहे हैं।खरीदी करने के पहले स्थानीय दुकानों में आकर जरूर पता करें।ततपरता और गुणवत्ता के साथ बेहतर सेवा और सामान जरूर मिलेगा।सोच को बदलें आनलाइन खरीदी से बचें अपनों को याने स्थानीय को जरूर मौका दें।क्योंकि एक कहावत भी है-
“*ग्राहक को ठगकर*
*कोई अमीर नहीं हो सकता।*
*ग्राहक को सन्तुष्ट करके*
*कोई गरीब नहीं हो सकता।।*”



