
बरमकेला । रतन शर्मा ने कार्यक्रम स्थल पर वृद्धों का सम्मान करते हुए कहा कि –
वरिष्ठ नागरिक परिवार, देश, समाज, मानव-सभ्यता और संस्कृति के संरक्षक होते हैं। वे अनुभव के कोष होते हैं, जिनमें पिछली पीढ़ियों का अद्भुत ज्ञान संरक्षित रहता है। उन्हीं के माध्यम से हम भाषा, संस्कार, ज्ञान- विज्ञान आदि सीखते हैं। वे बुजुर्ग ही होते हैं, जो नन्हे-नन्हे बच्चों की उंगलियां थामकर बिना झल्लाए उनके बेसिर-पैर के सवालों का सहजता से उत्तर देते हैं, उनको सिखाते हैं व उनकी समझ विकसित करते हैं बच्चों में भावनात्मकसंबंध का बीजारोपण होता है और वे भी अपने बड़े-बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील बनते हैं।
रतन शर्मा अध्यक्ष चेंम्बर आफ कार्मश ने अपने संदेश में कहा है कि – वरिष्ठ जन की सुरक्षा, संरक्षण सम्मान के प्रति समाज सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए विश्व में 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। बुजुर्ग, परिवार ही नहीं पूरे समाज के लिए अमूल्य धरोहर होते हैं। वे जीवन भर परिवार व समाज को अपना अमूल्य योगदान देते हैं। उनके पास अनुभव का खजाना होता है। बुजुर्गों के अनुभवों से हमें सीखने की कोशिश करनी चाहिए। बुजुर्गों की खुशी, स्वास्थ्य और सम्मान का पूरा ध्यान रखना हमारी नैतिक जवाबदारी है।



