डबल इंजन की सरकार में पहली बार किसानों के घर सत्यापन, किसान विरोधी नीति का उदाहरण – किशोर पटेल अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरमकेला

बरमकेला/सारंगढ़-बिलाईगढ़।
आजादी के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि किसानों के घर-घर अधिकारी और कर्मचारी धान सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं। यह बात बरमकेला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर पटेल ने कही। उन्होंने कहा कि खुद को किसान हितैषी बताने वाली डबल इंजन की सरकार की यह कार्रवाई निंदनीय और किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।

किशोर पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश में “धान का कटोरा” कहा जाता है। यहां का किसान कड़ी मेहनत, लगन और संघर्ष के साथ एक-एक दाना उगाता है। आंधी, तूफान, बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जूझते हुए किसान अपनी फसल को सुरक्षित अपने घर तक लाता है। इसके बाद सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान बेचकर जो थोड़ी-बहुत आय होती है, उसे किसान अपनी किस्मत की कमाई मानकर संतोष करता है।

चुनाव के समय किसानों को एक साथ एक मुफ्त खरीदी का पैसा देने का वादा किया था लेकिन आज किसानों के खाते में केवल समर्थन मूल्य ही उनके खाते में जमा हो रहा है कहां गई सरकार एक साथ एक मुफ्त ग्राम पंचायत में मोदी की गारंटी के तहत देने का वादा किया गया था। बैंक में लंबी कतार में किसान अपने पैसा के लिए परेशान हो रही है।

लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा किसानों के घर सत्यापन के नाम पर अधिकारियों को भेजना किसानों का अपमान है। पहले ही किसान खाद-बीज की किल्लत, खरीदी केंद्रों में टोकन की समस्या, लंबी कतारें और भुगतान में देरी जैसी अनेक परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे में घर-घर जाकर जांच करना किसानों पर अविश्वास जताने जैसा है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार बड़े उद्योगपतियों को कारखाने, खदान और तमाम तरह की सुविधाएं दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेहनतकश किसानों के घर सत्यापन कर उन्हें संदेह के घेरे में खड़ा कर रही है। यही डबल इंजन की सरकार की असली तस्वीर है। उन्होंने मांग की कि सरकार किसानों के हित में ऐसी नीतियां बनाए जिससे उनका सम्मान और भरोसा बना रहे, न कि उन्हें परेशान किया जाए।



