
डॉक्टर खूबचंद बघेल से सम्मानित किसान नेता ने गांव-गांव पहुंचकर दी जैविक खेती की जानकारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में किसानों को जैविक खेती और मिट्टी की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का सराहनीय कार्य लगातार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतीय किसान संघ के सक्रिय किसान नेता मुकेश चौधरी किसानों के बीच पहुंचकर मिट्टी परीक्षण एवं जैविक खेती के महत्व को समझा रहे हैं। किसानों के हित में किए जा रहे उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें डॉक्टर खूबचंद बघेल सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

मुकेश चौधरी लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े विषयों पर कार्य कर रहे हैं। वे न केवल किसानों को आधुनिक और जैविक खेती की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि पुराने सुगंधित धान की पारंपरिक किस्मों को भी संरक्षित कर आज तक जीवित रखे हुए हैं। सब्जी उत्पादन से लेकर धान की पारंपरिक खेती तक, वे किसानों को आत्मनिर्भर और प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित कर रहे हैं।
हाल ही में मुकेश चौधरी द्वारा मिट्टी प्रशिक्षण किट के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण की जानकारी दी जा रही है। इस प्रशिक्षण में किसानों को मिट्टी की उर्वरक क्षमता, पोषक तत्वों की कमी, फसल उत्पादन पर प्रभाव तथा मिट्टी के लाभ और हानि के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। किसानों को यह भी समझाया जा रहा है कि सही मिट्टी परीक्षण से खेती की लागत कम होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।

ग्राम पंचायत धूमाभांठा एवं हट्टापाली में आयोजित मिट्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में किसानों को जैविक खाद, गोबर खाद, प्राकृतिक कीटनाशक तथा रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। किसानों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे खेती के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
मुकेश चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा, तभी मिट्टी की उर्वरता और किसानों की आय दोनों सुरक्षित रह पाएगी।



