“घोषणाओं का झुनझुना या समाज के साथ छल?”
चौहान समाज में उबाल, विधायक पर वादाखिलाफी के आरोप तेज

बरमकेला ।
सारंगढ़ विधानसभा के बरमकेला में अब चौहान समाज के भीतर वर्षों से दबा आक्रोश ज्वालामुखी बनकर फूटने लगा है। मंच से बड़े-बड़े वादे, समाज के बीच मीठी बातें और फिर सालों तक सिर्फ आश्वासन… अब चौहान समाज इसे “सम्मान नहीं, सीधा छल” बता रहा है।
बरमकेला में आयोजित नव निर्वाचित जन प्रतिनिधि सम्मान समारोह में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने पूरे समाज के सामने चौहान समाज भवन के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। उस दिन समाज के लोगों ने तालियां बजाईं, भरोसा जताया और उम्मीद की कि अब समाज को अपना भवन मिलेगा। लेकिन वक्त बीतता गया… साल गुजरते गए… और घोषणा सिर्फ भाषणों की फाइल में दबी रह गई।
समाज के लोगों का आरोप है कि जब भी विधायक से भवन को लेकर सवाल किया गया, हर बार नया बहाना और नया आश्वासन परोसा गया। कभी विधायक मद का हवाला दिया गया, तो कभी प्रक्रिया का। लेकिन हकीकत यह रही कि विधायक मद की विकास राशि कुछ चुनिंदा लोगों और खास कार्यकर्ताओं तक सीमित कर दी गई। चौहान समाज खुद को लगातार उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। मामला तब और गरमाया जब इस मुद्दे की खबर मीडिया में उठी। आरोप है कि समाज के लोगों को शांत करने के लिए नया “राजनीतिक लॉलीपॉप” दिया गया — कहा गया कि “5 लाख नहीं, अब 10 लाख देंगे।” भोले-भाले समाज के लोगों ने फिर भरोसा कर लिया, लेकिन आज तक न 10 लाख आए, न 5 लाख, और न ही समाज भवन की एक ईंट रखी गई।
इतना ही नहीं, खैरगढ़ी के चौहान समाज के लोग भी विधायक निवास पहुंचकर गांव में समाज भवन की मांग कर चुके हैं। वहां भी 3 लाख रुपये की घोषणा की गई, लेकिन वह घोषणा भी आज तक सरकारी कागजों में दम तोड़ती नजर आ रही है। अब समाज के भीतर खुलकर आवाज उठने लगी है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय चौहान समाज याद आता है, लेकिन विकास और सम्मान की बात आते ही समाज को किनारे कर दिया जाता है। समाज के कई लोगों ने यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि “सारंगढ़ विधायक चौहान समाज विरोधी मानसिकता से काम कर रही हैं” और बरमकेला के कुछ स्थानीय कार्यकर्ता समाज को जानबूझकर विकास से दूर रख रहे हैं। समाज के युवाओं में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। चौपालों से लेकर बैठकों तक एक ही चर्चा गूंज रही है —
“अब समाज सिर्फ सुनने वाला नहीं, जवाब देने वाला भी बनेगा।”लोगों का कहना है कि चौहान समाज अब हर घोषणा का हिसाब मांगेगा। समाज के सम्मान और अधिकार के साथ राजनीति करने वालों को आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
अब सवाल सीधा है —क्या चौहान समाज को सिर्फ चुनावी मंचों की भीड़ समझा गया?क्या घोषणाएं सिर्फ तालियां बटोरने के लिए थीं?और आखिर कब मिलेगा समाज को उसका हक और सम्मान?सारंगढ़ की राजनीति में यह मुद्दा अब धीरे-धीरे आग पकड़ता नजर आ रहा है…और चौहान समाज का गुस्सा बता रहा है कि इस बार मामला सिर्फ आश्वासन पर शांत होने वाला नहीं है।स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के रवैये और विधायक के कथित सौतेले व्यवहार से नाराज़ होकर कई पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता अब कांग्रेस छोड़ भाजपा की ओर रुख करते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि लगातार उपेक्षा और पक्षपात से आहत कार्यकर्ताओं का कांग्रेस से मोहभंग होता जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि कांग्रेस छोड़ने वालों पर अब कुछ स्थानीय कांग्रेसी भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाकर अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता और समाज के लोग इसे केवल राजनीतिक बचाव की रणनीति मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि चौहान समाज के लोगों में भी भारी नाराज़गी देखी जा रही है। समाज के कई लोगों ने खुलकर स्थानीय नेतृत्व के रवैये पर सवाल उठाए हैं। सूत्रों के अनुसार, चौहान समाज के सैकड़ों लोग सामूहिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेने की इच्छा जता चुके हैं और जल्द ही बड़े स्तर पर प्रवेश कार्यक्रम होने की संभावना जताई जा रही है। क्षेत्र में यह संदेश तेजी से फैल रहा है कि जो कार्यकर्ता वर्षों तक कांग्रेस के लिए मेहनत करते रहे, आज वही खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। चौहान समाज को कांग्रेस किसी पद मे नहीं देखना चाहता है हाल फिलहाल मे टी एस बाबा के दौरे मे मामला काफ़ी गुंजा चौहान समाज का, समाज को अगर सम्मान नहीं तो क्यों सम्मान देगा समाज अब देखना ये होगा की खबर प्रकाशित के बाद क्या मशलन निकल कर सामने आता है, समाज के आक्रोषित रवैया की दंश से मजबूर होकर समाज के ब्लॉक अध्यक्ष बिषिकेशन चौहान व जिला महामंत्री कांग्रेस गोपाल बाघे ने बात तो रखी पार्टी फोरम मे पर टीएस बाबा के समक्ष पर कुछ समाज हित मे नजर नहीं आते दिख रहा है।



