जय दुर्गा सा मिल में औषधीय पेड़ों की अवैध कटाई का खेल!अर्जुन पेड़ की डंपिंग,वन विभाग बना मूकदर्शक”

सारंगढ़ ।
जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमुर्रा, डीपा और मानिकपुर मार्ग पर संचालित दुर्गा सा मिल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां खुलेआम बहुमूल्य औषधीय पेड़ों—अर्जुनारिष्ट और कौहा—का अवैध भंडारण और चीराई का खेल चल रहा है, जिससे जिम्मेदारों की मिलीभगत की बू आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, उक्त सा मिल को औषधीय पेड़ों की कटाई या चीराई की कोई वैध अनुमति नहीं है, इसके बावजूद यहां धड़ल्ले से पेड़ों को काटकर मोटी कमाई की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात-दिन ट्रकों में भरकर लकड़ियां लाई जाती हैं और मिल में चीरकर बाहर भेजी जाती हैं, जिससे जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध गतिविधि के बावजूद वन विभाग की टीम कुंभकरणीय नींद में सोई हुई नजर आ रही है। ना तो किसी प्रकार की जांच हो रही है और ना ही कोई ठोस कार्रवाई, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है।

बिपुल अग्रवाल डी एफ ओ सारंगढ़ ने कहा
आरामिल मे अर्जुन पेड़ो की भंडारण की सुचना पर टीम गठित किया जा रहा है और उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया
अब देखना यह होगा कि वन विभाग कब जागता है और इस अवैध कारोबार पर लगाम लगती है या नहीं।
वन विभाग के नियंत्रण में लकड़ी नहीं है उतनी अधिक आरा मिल में काफी संख्या में लकड़ी का भंडार है।



