
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के डोंगरीपाली क्षेत्र में सेमल पेड़ों की अवैध कटाई का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। क्षेत्र के ग्राम डोंगरीपाली, कोकबहाल, कदलिसरार, लेन्द्ररजोरी, गिन्डोला, जामदलखा, जीरापाली, पतेरापाली, अमापाली, जोगनीपाली, कालाखुटा, झाल, लीमपाली, बनवासपाली सहित कई गांवों में धड़ल्ले से सेमल के पेड़ काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सैकड़ों ट्रैक्टरों के माध्यम से लकड़ी काटकर लंबे समय से कंपनियों तक पहुंचाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक निष्क्रिय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार दिन-रात लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है। इसके बावजूद वन और राजस्व विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध कटाई संभव नहीं है। मामले को लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है और लोग जांच की मांग कर रहे हैं।
सेमल जैसे उपयोगी और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में हरित आवरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और दोषियों पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होती है।



