सचिव दौलत राम जायसवाल पर फर्जी प्रस्ताव पारित करने का आरोप, पंचों के अधिकारों से खिलवाड़

सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत ग्राम पंचायत बार में पंचायत सचिव दौलत राम जायसवाल का एक और कथित कारनामा सामने आया है। पंचायत में प्रस्ताव पंजी के दुरुपयोग को लेकर ग्रामीण पंचों में नाराजगी देखी जा रही है। आरोप है कि सचिव द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बिना पंचों की जानकारी और मौजूदगी के महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर दिए गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व में मानदेय भुगतान के लिए प्रस्ताव पंजी में सरपंच और पंचों से सर्वसम्मति के आधार पर हस्ताक्षर कराए गए थे। इसके बाद सचिव और सरपंच की कथित मिलीभगत से उसी प्रस्ताव पंजी में फर्जी तरीके से बायोमास पेटेलट एवं सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए स्वीकृत स्थान संबंधी प्रस्ताव दर्ज कर दिया गया। यह पूरा कार्य न तो पंचों की उपस्थिति में हुआ और न ही उन्हें इसकी कोई सूचना दी गई।
ग्रामीणों और पंचों का कहना है कि पंचायत के किसी भी विकास कार्य या भूमि से जुड़े प्रस्ताव को पारित करने के लिए सभी पंचों की मौजूदगी और सहमति अनिवार्य होती है। पारदर्शिता के साथ पंचायत विकास के लिए सामूहिक निर्णय आवश्यक है, लेकिन सचिव द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पंचों को अंधेरे में रखकर प्रस्ताव पारित करना गंभीर नियम उल्लंघन है।
मामले को लेकर पंचों ने जब आपत्ति दर्ज कराई तो इसे रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। इस संबंध में जनपद पंचायत बरम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत सौंपी गई है और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी और क्या ग्रामीण पंचों को उनके अधिकार मिल पाएंगे, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। ग्रामीणों की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

खेमराज नायक के द्वारा बताया गया कि सचिव के द्वारा पंचों को बिना बताए फर्जी तरीके से बायोमांस पेटेलट ओर सौर ऊर्जा उत्पादन के प्रस्ताव को प्रस्ताव पंजी में बैठक के समय नहीं लिखा गया था बाद में उसे मिली भगत पर लिखा गया है जो कि नियम के विरुद्ध है।
” पंचायत की बैठक प्रस्ताव को लेकर शिकायत की गई थी। इसकी जांच भी हुआ है। पंचों का आरोप निराधार है। उनके सामने में दोनों विषयों पर चर्चा करने के बाद ही प्रस्ताव पारित किया गया है।
तेजराम सिदार, सरपंच
ग्राम पंचायत, बार.



