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केंद्रीय बजट में महंगाई और रोजगार पर मौन: किशोर पटेल

सारंगढ़/ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह पहला अवसर था जब देश में केंद्रीय बजट रविवार को प्रस्तुत किया गया। यह उनका लगातार नौवां आम बजट रहा। बजट पेश होने के बाद कांग्रेस ने इसे आम जनता के लिए निराशाजनक, फीका और दिशाहीन करार दिया है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर पटेल ने भाजपा सरकार के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट महंगाई, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों से जूझ रही जनता को कोई राहत नहीं देता। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी” सिर्फ चुनावी नारा बनकर रह गई है, जबकि किसान, युवा और आम आदमी परेशान हैं।

किशोर पटेल ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस और प्रभावी योजना सामने नहीं आई है। बढ़ती अर्थव्यवस्था के बावजूद युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ेंगे, इस पर सरकार ने कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया। 90 मिनट लंबे बजट भाषण के बाद भी विभिन्न योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की साफ जानकारी नहीं मिल पाई, जो सरकार की नीति और नीयत पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महंगाई नियंत्रित करने और आम आदमी को राहत देने के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं है। कांग्रेस ने बजट से पहले नई जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला को लेकर भी सवाल उठाए थे, जिनका संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

अध्यक्ष ने भी इस बजट को जनविरोधी, फीका और निराशाजनक बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब 2026 का बजट ही मजबूती नहीं दिखाता, तो आने वाले समय में देश की आर्थिक दिशा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। उनके अनुसार यह बजट देश की जनता को ठगने जैसा है और जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता।

सोना-चांदी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई आम लोगों की चिंता

सोने और चांदी के रेट लगातार आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी से लेकर गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर शादी-विवाह के मौसम में सोना खरीदना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। महंगाई के इस दौर में सरकार ने सोने-चांदी की कीमतों को नियंत्रित करने या राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बढ़ते दामों का सीधा असर पारंपरिक जरूरतों और आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।

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