वरिष्ठ कांग्रेस नेता उज्जवल मिर्री ने थामा भाजपा का हाथ, कांग्रेस को बड़ा झटका

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोबरसिंह के वरिष्ठ कांग्रेस नेता उज्जवल मिर्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उज्जवल मिर्री इस क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। रायपुर ओपी चौधरी के द्वारा भाजपा के गमचे से उन्हें पार्टी में शामिल किया गया है।
उज्जवल मिर्री कांग्रेस से लंबे समय से जुड़े रहे और मध्य प्रदेश शासनकाल के दौरान दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में पार्टी के सदस्य के रूप में काम किया। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा के साथ क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए और जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी गिनती कांग्रेस के मजबूत नेताओं में होती थी, लेकिन अब उनके भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में उन्होंने सरपंच और जनपद पंचायत सदस्य पद पर बड़ी जीत हासिल की थी। उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता के कारण वे क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री की नीतियों से प्रभावित हैं और क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा के साथ काम करना चाहते हैं।
उज्जवल मिर्री के भाजपा में जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की स्थानीय राजनीति को झटका दिया है और पार्टी के लिए यह बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि भाजपा उनके अनुभव और नेतृत्व का किस प्रकार उपयोग करती है और कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है।



