
पुसौर में गूंजा न्याय का स्वर
पुसौर, 22 अगस्त 2026।
सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा के तहत पुसौर फेडरेशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) पुसौर को सौंपा। यह पदयात्रा शिक्षकों के अधिकार, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य के लिए निर्णायक संघर्ष का संदेश लेकर निकाली गई।
क्यों जरूरी हुई यह पदयात्रा?
शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला है। मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, पूर्व सेवा गणना, पेंशन सहित अन्य न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र निर्णय की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्ति देकर सेवा सुरक्षा प्रदान करने, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने तथा शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
– मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर पूर्व सेवा गणना करते हुए क्रमोन्नति एवं पेंशन सहित समस्त लाभ प्रदान किए जाएं।
– छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त कर सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
– वरिष्ठता के आधार पर पूर्व प्रचलित नियमानुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।
संघर्ष जारी रहेगा
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज होगा। शिक्षकों का यह संघर्ष अब रुकने वाला नहीं, बल्कि निर्णायक परिणाम तक जारी रहेगा।
इस आंदोलन मे प्रदेश महामंत्री बिजेंद्र चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष भुवनेश्वर सिदार, कार्यकारी जिलाध्यक्ष एस कुमार सारथी, जिला उपाध्यक्ष निराकार चौहान, जिला प्रवक्ता लोकेश साव, अनिल देवता, हेमंत चौहान, कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष जीवन सिदार, ताराचंद पटेल , गोविन्द महाना , ब्लॉक पदाधिकारी प्रदीप प्रधान, उज्ज्वल बेहरा, ईश्वर चंद्र गुप्ता,महिला प्रतिनिधि लक्ष्मी ओगरे अधिक संख्या मे महिला शिक्षक साथी उपस्थित रहे



