किशोर पटेल का सरकार पर गंभीर आरोप, कहा—उत्सवों की चकाचौंध में मूलभूत विकास हो रहा प्रभावित

बरमकेला। कांग्रेस नेता किशोर पटेल ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सेवा संकल्प और सुशासन जैसे अभियानों के नाम पर सरकारी राशि का उपयोग बड़े-बड़े आयोजनों में किया जा रहा है, जबकि पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं के लिए पर्याप्त राशि और काम की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाली राशि को कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अतिथि बनाकर खर्च किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
किशोर पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकारी स्तर पर भी यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जनभागीदारी और जनकल्याणकारी गतिविधियों के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उनका सवाल है कि इन आयोजनों के बीच गांवों में नाली, सड़क, पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी जरूरतों पर कितना ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस राशि से पंचायतों में सफाई, पेयजल व्यवस्था और अन्य विकास कार्य होने चाहिए, उसका उपयोग यदि आयोजनों के तामझाम में किया जाता है तो इसका सीधा असर ग्रामीण विकास पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से कार्यक्रमों पर होने वाले खर्च का सार्वजनिक ब्यौरा देने की मांग की।
किशोर पटेल ने स्मार्ट मीटर को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम उपभोक्ताओं को बिजली व्यवस्था और बिलों को लेकर पारदर्शिता चाहिए। वहीं राशन कार्ड, प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल तथा कागजी प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने जनता की परेशानियों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। किसान खाद-बीज और उपज के उचित प्रबंधन, मजदूर रोजगार तथा व्यापारी बाजार की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
किशोर पटेल ने कहा कि जनता को केवल मंच, भाषण और प्रचार नहीं, बल्कि धरातल पर विकास, पारदर्शिता और मूलभूत सुविधाएं चाहिए। उन्होंने सरकार से पंचायतों की राशि और आयोजनों पर हुए खर्च का स्पष्ट हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।



