सारंगढ़ बिलाईगढ़

जनपद पंचायत बरमकेला में अफसर-कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर गिरी गाज, CEO ने थमाया शो-कॉज नोटिस

खाली पड़े कार्यालय की तस्वीर से खुली पोल, शिकायत के बाद डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा ने लिया संज्ञान

बरमकेला। जनपद पंचायत बरमकेला कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति देवराज दीपक ने कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर खाली पड़े कार्यालय की तस्वीर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा को भेजकर शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कलेक्टर ने संबंधित अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।मामले में प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने से कार्यालयीन व्यवस्था में हड़कंप मच गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि जनपद पंचायत जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में ही अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं रहेंगे तो ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर आखिर किसके पास जाएंगे?शिकायत पर तत्काल संज्ञान देवराज दीपक द्वारा भेजी गई तस्वीर और शिकायत के बाद डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करते हुए अनुपस्थिति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अपने बचाव में क्या जवाब प्रस्तुत करते हैं।

डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा ने कहा

“सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस दिया गया है। उनसे जवाब मांगा गया है। जवाब प्राप्त होने के बाद यदि स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाया गया तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

”देवराज दीपक कार्यकारी जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने कहा

“जनपद पंचायत कार्यालय जनता की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण केंद्र है। अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। शिकायत का संज्ञान लेकर नोटिस जारी करना स्वागत योग्य कदम है। अब जरूरत है कि जवाब के आधार पर जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कार्यालय आने वाले ग्रामीणों को अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भटकना न पड़े।

अब कार्रवाई पर टिकी नजर

शो-कॉज नोटिस जारी होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की पहली कड़ी पूरी हो गई है, लेकिन असली सवाल अब जवाब के बाद होने वाली कार्रवाई का है। यदि अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं मिलता है, तो क्या संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई होगी? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल प्रशासन के इस कदम से यह संदेश जरूर गया है कि सरकारी कार्यालयों में मनमानी और गैरहाजिरी को लेकर प्रशासन अब गंभीर है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button