किसानों की परेशानी पर उठी मांग: ग्राम पंचायत को मिले नामांतरण आईडी और जन्म-मृत्यु पंजीयन का अधिकार

अनमोल रफ्तार न्यूज/सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को नामांतरण और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत किसानों को मामूली कामों के लिए भी तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नामांतरण आईडी तहसील स्तर पर सीमित होने के कारण किसानों को कई बार बार-बार दौड़ना पड़ता है, वहीं इस दौरान अवैध उगाही की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन द्वारा नामांतरण आईडी ग्राम पंचायत सचिवों को उपलब्ध करा दी जाए तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। नामांतरण जैसे कार्य गांव स्तर पर ही पूरे हो सकेंगे और किसानों को न तो तहसील जाना पड़ेगा और न ही किसी दलाल के चक्कर में फंसना पड़ेगा।
इसी तरह मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी लोगों को लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पहले सचिवों के पास यह अधिकार था, लेकिन अब इसे तहसील स्तर पर सीमित कर दिया गया है। ग्रामीण बताते हैं कि मृत्यु प्रमाण पत्र लेने में कई-कई दिन लग जाते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ऐसे में उनकी मांग है कि जिस प्रकार जन्म पंजीयन का कार्य पंचायत सचिवों को सौंपा गया है, उसी तरह मृत्यु पंजीयन और प्रमाण पत्र वितरण का कार्य भी सचिवों को ही सौंपा जाए।
बरमकेला क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि शासन इन अधिकारों को ग्राम पंचायत सचिवों को सौंप देता है तो न केवल किसानों की परेशानियां दूर होंगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पंचायत स्तर पर ही इन सेवाओं के उपलब्ध होने से भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी अंकुश लगेगा।
ग्रामीणों और किसानों का मानना है कि शासन को इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। यदि पंचायत स्तर पर नामांतरण आईडी और मृत्यु पंजीयन की सुविधा दी जाती है तो यह न केवल किसानों को राहत देगा बल्कि ग्रामीण प्रशासन को भी अधिक मजबूत और प्रभावी बनाएगा। बरमकेला के जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।



