“फेसबुक” पर अवैध रेत उत्खनन के लिये जिला खनिज अधिकारी पर सांठगांठ के आरोप संबंधी पोस्ट से सनसनी!

रेत माफिया और खनिज अधिकारी के बीच कथित गिफ्ट संबंधी मामला सोशल मिडिया में किया गया था पोस्ट?
थोड़ी देर बाद पोस्ट हो गया डिलीट, लेकिन सियासत हो गई गर्म?
भरत जाटवर ने बताया इसे बदनाम करने की साजिश,
उधर कांग्रेस ने अवैध रेत खनन को लेकर सौपा ज्ञापन,
सारंगढ़,
सारंगढ़ में अवैध रेत उत्खनन को लेकर सियासत काफी गर्म रही। सुबह सोशल मिडिया फेसबुक पर किसी ने के रेत माफिया को अवैध उत्खनन के लिये संरक्षण देने सरकारी अधिकारी द्वारा कथित गिफ्ट देने संबंधी एक पोस्ट से सनसनी फैल गई। हालांकि थोड़ी देर बाद पोस्ट डिलीट हो गया किन्तु सोशल मिडिया पोस्ट पर किया गया दावा को गलत बताते हुए सफाई भरा समाचार ने पूरा मामला को और गर्म कर दिया। भाजपा नेता भरत जाटवर ने पूरे मामले को साजिश करार दिया है। वही दूसरी ओर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन के नेतृत्व में एसडीएम को अवैध रेत उत्खनन को लेकर ज्ञापन सौपा गया जिससे आने वाले दिनो मे रेत उत्खनन का मामला और गर्म हो सकता है।
इस संबंध मे सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ में रेत घाट का नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के पहले की व्यापक रूप से अवैध उत्खनन का मामला सुर्खियो मे चल रहा है। वही इस बीच आज सुबह भाजपा से जुड़े आकाश ने सोशल मिडिया फेसबुक में पोस्ट करके सनसनी फैला दिया कि रेत उत्खनन को संरक्षण देने एक सरकारी अधिकारी को रेत ठेकेदार तथा भाजपा नेता भरत जाटवर ने महंगा मोबाईल गिफ्ट किया है। हालांकि थोड़ी देर बाद पोस्ट डिलीट कर दिया गया लेकिन इस पोस्ट से पूरे जिले मे सनसनी फैल गई। इस पोस्ट मे दावा किया गया था कि भाजपा नेता और रेत ठेकेदार भरत जाटवर के द्वारा खनिज अधिकारी को महंगा मोबाईल गिफ्ट किया गया है। हालांकि इस सोशल मिडिया के पोस्ट की सच्चाई की पुष्टी नहीं हो पाई है किन्तु भाजपा नेता भरत जाटवर के द्वारा उनको बदनाम करने की साजिश संबंधी अपना पक्ष सामने रखने से साफ प्रतीत हो रहा है कि सारंगढ़ मे सबकुछ ठीक-ठाक नही चल रहा है। वही दूसरी ओर कांग्रेस नेताओ ने भी अवैध रेत उत्खनन को लेकर मोर्चा खोल दिया है कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने अपने पदाधिकारियो के साथ एसडीएम सारंगढ़ को ज्ञापन सौपकर अवैध रेत उत्खनन पर कार्यवाही करने की मांग की और संरक्षण देने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दिया है। एक तरफ फेसबुक का पोस्ट तथा दूसरी तरफ कांग्रेस का विरोध से अवैध रेत उत्खनन का मामला से सारंगढ़ के सियासत गर्म हो गया तथा मामले की पुष्टी और जानकारी के लिये मोबाईल की घंटी लगातार बजने लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले में विशेष जांच समिति बनाकर मामले की जांच की आवश्यकता महसूस किया जा रहा है ताकि अवैध रेत उत्खनन और कथित गिफ्ट के संबंध मे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये।

सारंगढ़ के रेत घाटो मे अवैध उत्खनन पर रोक लगाने कांग्रेस ने सौपा ज्ञापन
सारंगढ़ क्षेत्र के रेत घाटों में अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर कांग्रेस परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौपा है और कहा गया है कि सारंगढ़ अंतर्गत विभिन्न रेत खदानों में लगातार अवैध उत्खनन किया जा रहा है तथा लापरवाहीपूर्वक डंपरों के माध्यम से रेत का परिवहन हो रहा है। आगे कहा कि कई वाहनों में नंबर प्लेट तक नहीं है, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। साथ ही रेत घाटों पर अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंच रही है।कांग्रेस परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल उचित कार्रवाई करने की मांग की है। चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस परिवार कार्यालय के समक्ष धरना देने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। ज्ञापन देने पहुंचे जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि सुरज तिवारी, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश श्रीवास, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामनाथ सिदार, जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज,मण्डल अध्यक्ष राजू यादव, मण्डल अध्यक्ष अश्वनी चंद्रा उपस्थित रहे।
मेरे साथ जिलाधिकारिओ को बदनाम करने की साजिश – भरत जाटवर
भाजपा नेता भरत जाटवर ने आकाश के फेसबुक पोस्ट को उन्हे बदनाम करने की साजिश करार दिया है। आकाश भारद्वाज फेसबुक आईडी में भरत जाटवर के द्वारा जिला खनिज अधिकारी को गिफ्ट देने की खबर दिखाई पड़ी जो कि मुझे फंसाने की और जिले के अधिकारियों को बदनाम करने की साजिश है। जिसका मैं पुरजोर विरोध करता हूं इसके पूर्व खनिज विभाग के द्वारा निरंतर दो बार मुझ पर कार्यवाही की गई है। जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निरंतर जिले के सुधार व्यवस्था के लिए नित्य नए प्रयास किया जा रहे हैं जहां कुछ विरोधी तत्वों की स्वाभाविक है नाराजगी। शायद उनके मनसा अनुरूप कार्य न हो रहे हो जिसे लेकर कुछ शरारती तत्वों द्वारा अनर्गल विषयों को फेसबुक के माध्यम से प्रसारित किया गया और कुछ मिनटो में फिर उसे डिलीट भी कर दिया गया। जिससे साफ जाहिर होता है कि इस तरह की हरकत जानबूझकर एक साजिश के तहत जिला प्रशासन को बदनाम करने का प्रयास है। मैं आम जनता के साथ मीडिया से भी अपील करता हूं कि ऐसे मिथ्या ज्ञानी लोगों से बचे।



