ओवरलोड फ्लाई ऐश वाहनों से सड़क बनी मौत का कुआं, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

सारंगढ़-बिलाईगढ़/सारिया। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत नौघटा के ग्रामीणों ने ओवरलोड फ्लाई ऐश वाहनों के लगातार आवागमन से जर्जर हो चुकी सड़क की समस्या को लेकर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर आने-जाने के लिए यही मुख्य और एकमात्र मार्ग है, लेकिन भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम नौघटा, तहसील सारिया से कटंगपाली एवं बोंदा पहुंच मार्ग गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। सड़क की निर्धारित क्षमता करीब 12 टन बताई जा रही है, जबकि ग्रामीणों के मुताबिक प्रतिदिन 50 से 60 फ्लाई ऐश वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं। इनमें कई वाहन क्षमता से अधिक भार लेकर चलने का आरोप है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।
स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। गांव के बच्चे प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए बोदा और कटंगपाली की ओर जाते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच विद्यार्थियों को आवागमन में काफी परेशानी होती है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
विधायक से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर पहले रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी से भी शिकायत की थी। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें फ्लाई ऐश वाहनों के आवागमन और सड़क की समस्या पर कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
वाहन चालकों पर ग्रामीणों को धमकाने का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे ओवरलोड वाहनों के चालकों को सड़क की स्थिति और गांव में तेज गति से वाहन चलाने को लेकर समझाने का प्रयास करते हैं, तो कुछ वाहन चालक ग्रामीणों से कथित रूप से विवाद और धमकी देने पर उतर आते हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर किसके संरक्षण में वाहन चालकों का इतना रौद्र रूप सामने आ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे मामलों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
जोर-शोर से चल रहा फ्लाई ऐश भराव का काम
ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में फ्लाई ऐश लाकर भराव का काम जोर-शोर से चल रहा है। इसी कारण भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि फ्लाई ऐश परिवहन जारी रखना है तो वाहनों के भार और आवागमन को नियंत्रित किया जाए तथा सड़क की क्षमता के अनुसार ही वाहनों को चलने दिया जाए।
तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो चक्काजाम की चेतावनी
ग्रामीणों ने मांग की है कि बरसात के दौरान कम से कम अक्टूबर माह तक ओवरलोड फ्लाई ऐश वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए। साथ ही सड़क की तत्काल मरम्मत और भारी वाहनों के भार की जांच की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क पर चक्काजाम एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क उनके लिए जीवनरेखा है और प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।



