लोकतंत्र बचाने का ढोंग या सत्ता का तमाशा? – किशोर पटेल

कांग्रेस कमेटी बरमकेला अध्यक्ष किशोर पटेल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- जनता सब समझती है, समय आने पर देगी जवाब
सारंगढ़। देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरमकेला के अध्यक्ष किशोर पटेल ने केंद्र की सत्ता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति का स्तर किस हद तक गिर चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सत्ता में बैठे लोग और खुद को लोकतंत्र का रक्षक बताने वाले नेता ही लोकतंत्र बचाने का नारा लगा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जिन लोगों को जनता ने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्हीं के शासनकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल क्यों खड़े हो रहे हैं?
किशोर पटेल ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने और भाषण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनता की आवाज, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विपक्ष की भूमिका और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का विशेष महत्व है। लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में इन सभी विषयों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दलों की आवाज दबाने, केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल और संसद में विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं देने जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों का सरकार से सवाल पूछना है। सवाल पूछना किसी भी तरह से देशविरोधी गतिविधि नहीं हो सकती। सरकार की नीतियों की आलोचना करना और जनहित के मुद्दों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार और जिम्मेदारी है। यदि सवाल उठाने वालों को ही निशाना बनाया जाएगा, तो लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर होगी।
महंगाई और बेरोजगारी से जनता परेशान
किशोर पटेल ने कहा कि आज आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता से जूझ रही है। युवा रोजगार की तलाश में परेशान हैं और आम परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के बजाय राजनीतिक नारों और आयोजनों के माध्यम से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि बरमकेला से लेकर देश के कोने-कोने तक आम नागरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली को बारीकी से देख रहा है। जनता को केवल भाषण नहीं, बल्कि महंगाई से राहत, रोजगार के अवसर, किसानों को उचित समर्थन और संविधान के अनुरूप शासन चाहिए।
किशोर पटेल ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यों और नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। लोकतंत्र किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। जनता सब समझ रही है और समय आने पर अपने मताधिकार के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।



