करवा क्वीन प्रतियोगिता में डिंपल अग्रवाल ने लहराया परचम, हासिल किया प्रथम स्थान

27 साल के वैवाहिक जीवन के बाद भी कायम है हुनर, आत्मविश्वास और मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का जज्बा
देवराज दीपक सारंगढ़ बिलाईगढ़ । करवा चौथ के पावन पर्व पर सत्य सनातन धर्म कार्यक्रम की ओर से गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन करवा क्वीन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महिलाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा, ज्ञान और सृजनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के श्रृंगार, सजावट और सोलह श्रृंगार से संबंधित जानकारी का दो निर्णायकों द्वारा बारीकी से मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों से सोलह श्रृंगार के नाम, उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व तथा भारतीय परंपराओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे गए। अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति और ज्ञानपूर्ण जवाबों से सरिया शाखा अध्यक्ष डिंपल अग्रवाल ने निर्णायकों का दिल जीत लिया और प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।प्रतियोगिता के दौरान निर्णायकों ने डिंपल अग्रवाल से बिंदी के महत्व के बारे में सवाल किया। इस पर उन्होंने बताया कि बिंदी सोलह श्रृंगार का अभिन्न अंग है, जिसे दोनों भौंहों के बीच लगाया जाता है। भारतीय परंपरा में इस स्थान को आज्ञा चक्र से जोड़कर देखा जाता है, जो एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।वहीं मंगलसूत्र के महत्व पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मंगलसूत्र केवल सुहाग का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैवाहिक विश्वास की पहचान भी है। इसके काले मोती बुरी नजर और नकारात्मकता से रक्षा की पारंपरिक मान्यता को दर्शाते हैं, जबकि इसमें लगा सोना शुभता, समृद्धि और गुरु ग्रह बृहस्पति से जुड़ा माना जाता है। उनके इन जवाबों और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायक काफी प्रभावित हुए।डिंपल अग्रवाल को प्रथम पुरस्कार के रूप में 300 रुपये की राशि प्रदान की गई। हालांकि, उनके लिए पुरस्कार की राशि से कहीं अधिक महत्वपूर्ण इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त करना रहा।डिंपल अग्रवाल ने कहा कि शादी के 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके भीतर किसी मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने, कुछ नया सीखने और स्वयं को साबित करने का जज्बा आज भी बरकरार है। उम्र या वैवाहिक जीवन किसी महिला की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सीमा तय नहीं कर सकता। महिला यदि ठान ले तो हर मंच पर अपनी पहचान बना सकती है।उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सत्य सनातन धर्म कार्यक्रम की पूरी टीम और सभी सहयोगी दीदियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उनकी यह उपलब्धि महिलाओं के आत्मविश्वास, सक्रियता और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा को रेखांकित करती है।



