साइलेंट किलर करैत सांप ने ली मासूम की जान, माँ की हालत गंभीर

*लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम बनेकेला में सर्पदंश से नाबालिग की मृत्यु**
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम बनेकेला से एक दर्दनाक घटना की खबर सामने आई है, जहाँ एक करैत सांप के काटने से 10 वर्षीय नाबालिग बालिका की मौत हो गई है, जबकि उसकी माँ का इलाज अस्पताल में जारी है। यह घटना ग्रामवासियों के बीच भय और शोक का माहौल पैदा कर रही है।
**घटना का विवरण**
यह घटना ग्राम बनेकेला में घटित हुई, जहाँ कुमारी पैंकरा और उनकी बेटी डालेश्वरी पैंकरा रात में घर के आंगन में सो रही थीं। घटना की जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात के 2 से 3 बजे के बीच हुआ, जब एक जहरीला करैत सांप, जिसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है, ने दोनों माँ-बेटी को डस लिया।
करैत सांप, जो कि बेहद विषैला और चुपके से हमला करने वाला होता है, ने इस बार भी अपना प्रकोप दिखाया। दोनों के शरीर पर सर्पदंश के निशान मिलने के बाद परिवार वालों ने उन्हें तुरंत लैलूंगा के सरकारी अस्पताल पहुँचाया। लेकिन, दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने 10 वर्षीय बालिका डालेश्वरी पैंकरा को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे गाँव को स्तब्ध कर दिया है, जहाँ मासूम की आकस्मिक मौत से परिवार और ग्रामवासी शोकाकुल हैं।
**माँ की स्थिति और पुलिस जाँच**
घायल माँ, कुमारी पैंकरा, का इलाज लैलूंगा के अस्पताल में जारी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर उनकी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। सर्पदंश के मामलों में समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा बना रहता है, और इस घटना में भी देर होने से बालिका की जान नहीं बचाई जा सकी।
परिवार द्वारा लैलूंगा थाना में इस घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय और परिस्थितियाँ क्या थीं और सर्पदंश से जुड़े अन्य कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग सकते हैं या नहीं।
**सर्पदंश की घटनाओं से सतर्कता की आवश्यकता**
इस घटना ने एक बार फिर से सर्पदंश से जुड़े खतरों को उजागर किया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ लोग जमीन पर सोते हैं। करैत सांप, जो कि बेहद खतरनाक होता है, अधिकतर रात के समय सक्रिय रहता है और इंसानों पर हमला कर सकता है। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ग्रामीणों को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। जमीन पर सोने से बचना, सर्पदंश से बचाव के उपायों को अपनाना और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करना जरूरी है।
डालेश्वरी पैंकरा की मौत ने बनेकेला गाँव को गहरे शोक में डुबा दिया है। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गाँव के लिए चेतावनी है कि सर्पदंश जैसी घटनाओं से कैसे निपटा जाए। प्रशासन और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को भी इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।



