सारंगढ़ बिलाईगढ़

मुख्यमंत्री की पांच घोषणाओं को मिली मंजूरी, जिले के पूर्वी वनांचल में विकास को मिलेगी नई गति

सुशासन तिहार में भीखमपुरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जनभावनाओं और ग्रामीण सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए की थीं घोषणाएं

बरमकेला के वनांचल में चार निर्माण कार्यों के लिए 6.41 करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत, दो विद्यालयों के नामकरण को भी मंजूरी

पुल निर्माण से दूरस्थ गांवों की राह होगी आसान, सामुदायिक भवनों से ग्रामीणों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

कलेक्टर  की सतत समीक्षा से मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन को गति

सारंगढ़–बिलाईगढ़,। सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले की पूर्वी सीमा पर स्थित बरमकेला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में ग्रामीण अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा सुशासन तिहार अभियान के दौरान ग्राम भीखमपुरा प्रवास में जनभावनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई पांच घोषणाओं को राज्य शासन से मंजूरी मिल गई है। इनमें चार निर्माण कार्यों के लिए 6 करोड़ 41 लाख 52 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि एक ही परिसर में संचालित दो शासकीय विद्यालयों के नामकरण को भी अनुमति मिली है। इन निर्णयों से जिले के पूर्वी वनांचल में आवागमन, सामाजिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। घोषणाओं को स्वीकृति मिलने से क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। वहीं कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू द्वारा इनके क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा कर संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार के दौरान भीखमपुरा पहुंचकर ग्रामीणों की मांगों और वनांचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। जिले की पूर्वी सीमा पर स्थित इस क्षेत्र में दूरस्थ ग्रामों की संपर्क व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों का विकास तथा सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना का विशेष महत्व है। इसी आवश्यकता के अनुरूप तालाब सौंदर्यीकरण, मंगल भवन, गौशाला परिसर में कार्यशाला सह सामुदायिक भवन तथा लाल नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण को मंजूरी मिली है। इन कार्यों के पूर्ण होने से वनांचल के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

*वनांचल की संपर्क व्यवस्था होगी सुदृढ़, लाल नाला पर 3.91 करोड़ रुपए से बनेगा पुल*

मुख्यमंत्री की घोषणाओं में बरमकेला विकासखंड के ग्राम नर्राखोल क्षेत्र में लाल नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण विशेष महत्व रखता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कार्य के लिए 3 करोड़ 91 लाख 54 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले की पूर्वी सीमा के वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्रामीण बसाहटों के लिए सुगम आवागमन आवश्यक है। पुल निर्माण से आसपास के गांवों के बीच संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी तथा वर्षा ऋतु में नाले के कारण आवागमन में आने वाली संभावित कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। वनांचल में सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

*भीखमपुरा में 2.49 करोड़ रुपए से अधिक के तीन कार्य, सामुदायिक सुविधाओं का होगा विस्तार*

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ग्राम भीखमपुरा में तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 99 लाख 99 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रथम किस्त के रूप में 39 लाख 99 हजार 600 रुपए की मंजूरी दी गई है। तालाब ग्रामीण जनजीवन और सार्वजनिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके सौंदर्यीकरण से जलस्रोत के आसपास का परिसर सुव्यवस्थित होगा तथा ग्रामीणों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सकेगा। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रायगढ़ को सौंपी गई है।
ग्राम भीखमपुरा की मुख्य बस्ती में मंगल भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रथम किस्त के रूप में 20 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। वनांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, पारिवारिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक भवन की आवश्यकता को देखते हुए यह कार्य महत्वपूर्ण है। इसके निर्माण से ग्रामीणों को विभिन्न आयोजनों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा। कार्य के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बरमकेला तथा निर्माण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत को दी गई है।
इसी क्रम में भीखमपुरा के गौशाला परिसर में कार्यशाला सह सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 99 लाख 99 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसकी प्रथम किस्त के रूप में 39 लाख 99 हजार 600 रुपए की मंजूरी दी गई है। इस भवन से ग्रामीणों को प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और सामुदायिक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी। भविष्य में स्थानीय स्तर पर कौशल विकास, जागरूकता कार्यक्रम एवं सामूहिक गतिविधियों के आयोजन में भी इस सुविधा का उपयोग किया जा सकेगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रायगढ़ को सौंपी गई है। इस प्रकार भीखमपुरा में तीन निर्माण कार्यों के लिए कुल 2 करोड़ 49 लाख 98 हजार रुपए स्वीकृत हुए हैं।

*जनभावनाओं का सम्मान, दो शासकीय विद्यालयों के नामकरण को मिली मंजूरी*

मुख्यमंत्री की पांचवीं घोषणा के अंतर्गत ग्राम भीखमपुरा में एक ही परिसर में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयनारायण पाणिग्राही के नाम पर करने की अनुमति प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 25 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। दोनों विद्यालय अलग-अलग शैक्षणिक स्तर पर संचालित हैं, जिनके संयुक्त नामकरण की घोषणा को स्वीकृति मिली है। यह निर्णय स्थानीय जनभावनाओं और क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्व के सम्मान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

*कलेक्टर की नियमित समीक्षा से स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री की घोषणाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के लिए कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू द्वारा लगातार विभागीय समीक्षा की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रशासकीय एवं तकनीकी प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण करने, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्यों की प्रगति पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर से जारी प्रशासकीय स्वीकृति आदेशों में निर्माण कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है साथ ही प्रत्येक माह की पांच तारीख तक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की शर्त निर्धारित की गई है। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित प्रयोजन में करने और निर्माण स्थलों पर कार्य संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिले की पूर्वी सीमा के वनांचल क्षेत्र में स्वीकृत इन विकास कार्यों का महत्व केवल निर्माण सुविधाओं तक सीमित नहीं है। लाल नाला पर पुल से जहां दूरस्थ ग्रामीण बसाहटों की संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होने की उम्मीद है, वहीं तालाब सौंदर्यीकरण और सामुदायिक भवनों से स्थानीय जनजीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। विद्यालयों के नामकरण से क्षेत्र की भावनात्मक एवं सामाजिक अपेक्षाओं को भी सम्मान मिला है। सुशासन तिहार के दौरान सामने आई ग्रामीणों की मांगों पर राज्य शासन की स्वीकृति और जिला प्रशासन की सतत निगरानी से बरमकेला के वनांचल में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है।

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