बरमकेला में जिला शिक्षा अधिकारी की समीक्षा बैठक, शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर

बरमकेला। छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री की मैराथन बैठक के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर बुधवार को जनपद पंचायत बरमकेला के सभा कक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी टी.आर. डहरिया, जिला समग्र शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार चौहान एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे ने बरमकेला विकासखंड के समस्त संकुल समन्वयकों एवं प्राचार्यों से विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करें। स्कूलों में केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में ऑनलाइन अटेंडेंस, VSK ऐप, CG स्कूल पोर्टल, यू-डाइस के सभी पैरामीटर, स्कूल प्रोफाइल, अपार आईडी, छात्रवृत्ति, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, सीजी स्कूल में अवकाश पेंडिंग, आई.पी.आर. एंट्री सहित विभिन्न ऑनलाइन कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। संकुल प्राचार्य एवं संकुल समन्वयकों को निर्धारित दौरा चार्ट के अनुसार स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने तथा बीईओ और बीआरसीसी को भी निरीक्षण व्यवस्था प्रभावी बनाने कहा गया।
विद्यार्थियों को योग, खेलकूद, कराटे, स्काउट-गाइड एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं के लिए कराटे प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से संचालित करने, बैगलेस डे को प्रभावी बनाने तथा स्कूलों में मंत्रोच्चारण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही गई। प्राथमिक स्तर के बच्चों को 20 तक तथा पूर्व माध्यमिक स्तर के बच्चों को 25 तक के पहाड़े आना अनिवार्य बताया गया। कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों में धारा प्रवाह हिंदी पढ़ने की क्षमता विकसित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आगामी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम पूर्णता, ब्लूप्रिंट, सतत मूल्यांकन एवं तिमाही परीक्षा की तैयारी की भी समीक्षा की गई। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, डेली डायरी संधारण तथा कक्षा में मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों में जर्जर शौचालयों के निर्माण, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत एवं अत्यंत जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने की जानकारी दी गई। आईसीटी, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला कक्ष का नियमित उपयोग और साफ-सफाई सुनिश्चित करने कहा गया।
इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में किचन गार्डन विकसित करने, न्यौता भोज अनिवार्य रूप से कराने, गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन की सतत निगरानी, स्कूलों को तंबाकू एवं नशामुक्त शिक्षण संस्थान बनाने, नशामुक्ति पोस्टर लगाने, लईका चिन्हारी ऐप, NEET कोचिंग, पुस्तक स्कैनिंग, अपार आईडी एवं CM हेल्पलाइन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शासन की राशि का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने तथा शिक्षा व्यवस्था की जिला से लेकर ब्लॉक और संकुल स्तर तक लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।



