*सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती पर सारंगढ़ पुलिस ने आत्मानंद स्कूल के छात्रों को दी नवीन कानून की जानकारी।*

*महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों की दी गई जानकारी*
▪️ *वर्तमान परिदृश्य में बढ़ते डिजिटलाइजेशन युग में साइबर सुरक्षा हेतु दी गई जानकारी*
▪️ *ऑनलाइन पोर्टल व हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई*
सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150 जयंती के अवसर पर जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आज दिनांक 30/6/2026 को सारंगढ़ पुलिस द्वारा आत्मानंद स्कूल में नवीन कानून के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने बताया कि देश की नई कानून व्यवस्था अब केवल दंड देने के दार्शनिक सिद्धांत पर नहीं, बल्कि भारत के प्रत्येक नागरिक को त्वरित न्याय देने की भावना पर आधारित है।कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं छात्रों को देश की नई आपराधिक न्याय प्रणालियों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत आम जनता को मिले बुनियादी अधिकारों और क्रांतिकारी बदलावों के बारे में विस्तार से समझाया:
ई-एफआईआर: अब कोई भी पीड़ित नागरिक बिना थाने के चक्कर काटे डिजिटल या ऑनलाइन माध्यमों से अपनी प्राथमिकी दर्ज करा सकता है।

जीरो एफआईआर: घटना किसी भी क्षेत्राधिकार में हुई हो, पीड़ित देश के किसी भी नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर लिखा सकता है। इसे बाद में संबंधित थाने को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
महिलाओं और बच्चों को सर्वोच्च प्राथमिकता: नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अत्यंत कड़ी सजा के प्रावधान हैं। इसके अलावा, पीड़िता के बयानों को पूरी पारदर्शिता के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए सुरक्षित रखने की अनिवार्य व्यवस्था की गई है।
समय-सीमा में त्वरित न्याय: जांच पूरी करने, अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने और न्यायालय द्वारा अंतिम फैसला सुनाने के लिए सख्त समय-सीमा तय की गई है, जिससे वर्षों तक लंबित रहने वाले मुकदमों से मुक्ति मिलेगी।
साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति पर विशेष बल
वर्तमान समय की तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों को देखते हुए इस कैंपेन के दौरान दो बेहद संवेदनशील विषयों पर विशेष फोकस किया गया:
साइबर क्राइम से बचाव: डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षा के लिए उपस्थित जनसमूह को ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग ठगी, फर्जी लॉटरी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग से संबंधित व्यावहारिक टिप्स दिए गए।

प्रशिक्षु महिला उप निरीक्षक चंचल सोनवानी के द्वारा महिला संबंधी अपराधों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभिव्यक्ति ऐप जारी किया गया है।इसमें एक SOS फीचर है, जिसे दबाने पर सीधे पुलिस स्टेशन में अलर्ट जाता है और महिला का लाइव लोकेशन व वीडियो शेयर हो जाता है। किसी भी आपात स्थिति के लिए राज्य स्तर पर महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 या 112 (आपातकालीन सेवा) काम कर रहा है। महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस के द्वारा बिना किसी देरी के तुरंत FIR दर्ज की जाती है ।महिला हिंसा या उत्पीड़न के मामलों में महिलाओं को एक ही छत के नीचे मेडिकल, पुलिस सहायता, कानूनी सलाह के लिए सखी सेंटर कार्य कर रही है।जिसमें 5 दिनों तक महिलाओं को अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाता है। घरेलू हिंसा या पारिवारिक विवादों को सुलझाने और महिलाओं को काउंसिलिंग देने के लिए के लिए महिला परामर्श केंद्र बनाए गए हैं।अंत में समाज को खोखला कर रही नशे की लत के खिलाफ पुलिस ने शिक्षकों और युवाओं को जागरूक किया तथा सभी ने नशामुक्त जीवन शैली अपनाने संकल्प लिया।
जागरूकता कार्यक्रम में सारंगढ़ थाना प्रभारी प्रमोद यादव, प्रशिक्षु महिला उप निरीक्षक चंचल सोनवानी,आर पुरुषोत्तम राठौर आत्मानंद स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।




